अरस्तु के अनमोल विचार

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  1. मनुष्य प्राकृतिक रूप से ज्ञान कि इच्छा रखता है.
  1. सभी भुगतान युक्त नौकरियां दिमाग को अवशोषित और अयोग्य बनाती हैं.
  1. डर बुराई की अपेक्षा से उत्पन्न होने वाले दर्द है.
  1. मनुष्य के सभी कार्य इन सातों में से किसी एक या अधिक वजहों से होते हैं: मौका, प्रकृति, मजबूरी, आदत, कारण, जुनून, इच्छा.
  1. कोई भी उस व्यक्ति से प्रेम नहीं करता जिससे वो डरता है.
  1. अच्छा व्यवहार सभी गुणों का सार है.
  1. बुरे व्यक्ति पश्चाताप से भरे होते हैं.
  1. कोई भी क्रोधित हो सकता है- यह आसान है, लेकिन सही व्यक्ति से सही सीमा में सही समय पर और सही उद्देश्य के साथ सही तरीके से क्रोधित होना सभी के बस की बात नहीं है और यह आसान नहीं है.
  1. मनुष्य अपनी सबसे अच्छे रूप में सभी जीवों में सबसे उदार होता है, लेकिन यदि क़ानून और न्याय ना हों तो वो सबसे खराब बन जाता है.
  1. संकोच युवाओं के लिए एक आभूषण है, लेकिन बड़ी उम्र के लोगों के लिए धिक्कार.
  1. जो सभी का मित्र होता है वो किसी का मित्र नहीं होता है.
  2. चरित्र को हम अपनी बात मनवाने का सबसे प्रभावी माध्यम कह सकते हैं.
  1. लोकतंत्र तब होगा जब गरीब ना कि धनाड्य शाशक हों.
  1. शिक्षा बुढ़ापे के लिए सबसे अच्छा प्रावधान है.
  1. उत्कृष्टता वो कला है जो प्रशिक्षण और आदत से आती है. हम इसलिए सही कार्य नहीं करते कि हमारे अन्दर अच्छाई या उत्कृष्टता है, बल्कि वो हमारे अन्दर इसलिए हैं क्योंकि हमने सही कार्य किया है. हम वो हैं जो हम बार-बार करते हैं. इसलिए उत्कृष्टता कोई कार्य नहीं बल्कि एक आदत है.
किसी भी विज्ञापन को विश्वास करने से पहले जांच करें ।
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