परिस्थितियां दुःख का कारण नहीं है।

असली कारण, जो हम नहीं करना चाहते उसके लिए हमेशा न्यायुक्त कारण खोज लेते है। और बेफिक्र हो जाते हैं । ऐसी कौन सी परिस्थिति हैं जिसमें आदमी शांत न हो सके ? ऐसी कौन सी परिस्थिति हैं जिसमें आदमी प्रेमपूर्ण न हो सके ? ऐसी कौन सी परिस्थिति हें जिसमें आदमी थोडी देर के लिए मौन और शांति में प्रविष्ट न हो सके ? हर परिस्थिति में वह होना चाहे तो बिलकुल हो...

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चाणक्य नीति : चौदहवां अध्याय

1. गरीबी, दुःख और एक बंदी का जीवन यह सब व्यक्ति के किए हुए कर्म का ही फल है. 2. आप दौलत, मित्र, पत्नी और राज्य गवाकर वापस पा सकते है लेकिन यदि आप अपनी काया गवा देते है तो वापस नहीं मिलेगी. 3. यदि हम बड़ी संख्या में एकत्र हो जाए तो दुश्मन को हरा सकते है. उसी प्रकार जैसे घास के तिनके एक दुसरे के साथ रहने के कारण भारी बारिश में भी क्षय नहीं होते. 4...

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ईरानी बादशाह बद्र और शमंदाल की शहजादी की कहानी – अलिफ लैला

शहरजाद ने कहा कि बादशाह सलामत, ईरान बहुत बड़ा देश है। पुराने जमाने में वहाँ बड़े शक्तिशाली और प्रतापी नरेश हुआ करते थे और उन्हें शहंशाह यानी बादशाहों का बादशाह कहा जाता था। उसी काल का वहाँ का एक बादशाह बद्र था। उसके पास अपार धन- दौलत और सैनिक शक्ति थी। उसके सौ पत्नियाँ और हजारों दासियाँ थीं किंतु उसे बड़ा दुख था कि उसके कोई पुत्र नहीं था। दूर-दूर...

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सत्रहवीं पुतली – विद्यावती ~ विक्रमादित्य की परोपकार तथा त्याग की भावना!

सत्रहवीं पुतली – विद्यावती नामक ने जो कथा कही वह इस प्रकार है- महाराजा विक्रमादित्य की प्रजा को कोई कमी नहीं थीं। सभी लोग संतुष्ट तथा प्रसन्न रहते थे। कभी कोई समस्या लेकर यदि कोई दरबार आता था उसकी समस्या को तत्काल हल कर दिया जाता था। प्रजा को किसी प्रकार का कष्ट देने वाले अधिकारी को दण्डित किया जाता था। इसलिए कहीं से भी किसी तरह की शिकायत...

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मोम का शेर

पुराने समय में बादशाह एक-दुसरे की बुद्धि की परीक्षा लिया करते थे. एक बार पारस के बादशाह ने अकबर को नीचा दिखाने के लिए एक शेर बनवाया और उसे एक पिजंरे में बंद करवा दिया. इस पिंजरे को उसने एक दूत के हाथों बादशाह अकबर के पास भेजा और कहलवा दिया कि यदि उनके दरबार में कोई बुद्धिमान पुरूष होतो “इस शेर को बिना पिंजरा खोले ही बाहर निकाल दें” साथ ही यह शर्त...

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सम्पूर्ण बैताल पचीसी

बैताल पचीसी (वेताल पचीसी या बेताल पच्चीसी) पच्चीस कथाओं से युक्त एक ग्रन्थ है। इसके रचयिता प्रसिद्ध राजा विक्रम के नौ रत्नों में से एक थे । ये कथायें राजा विक्रम की न्याय-शक्ति का बोध कराती हैं । बेताल प्रतिदिन एक कहानी सुनाता है और अन्त में राजा से ऐसा प्रश्न कर देता है कि राजा को उसका उत्तर देना ही पड़ता है। उसने शर्त लगा रखी है कि अगर राजा...

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व्यापारी और दैत्य की कहानी – अलिफ लैला

प्राचीन काल में एक अत्यंत धनी व्यापारी बहुत-सी वस्तुओं का कारोबार किया करता था। यद्यपि प्रत्येक स्थान पर उसकी कोठियाँ, गुमाश्ते और नौकर-चाकर रहते थे तथापि वह स्वयं भी व्यापार के लिए देश-विदेश की यात्रा किया करता था। एक बार उसे किसी विशेष कार्य के लिए अन्य स्थान पर जाना पड़ा। वह अकेला घोड़े पर बैठ कर चल दिया। गंतव्य स्थान पर खाने-पीने को कुछ नहीं...

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पुण्य किसका ? – बेताल पच्चीसी – तीसरी कहानी!

वर्धमान नगर में रूपसेन नाम का राजा राज करता था। एक दिन उसके यहाँ वीरवर नाम का एक राजपूत नौकरी के लिए आया। राजा ने उससे पूछा कि उसे ख़र्च के लिए क्या चाहिए तो उसने जवाब दिया, हज़ार तोले सोना। सुनकर सबको बड़ा आश्चर्य हुआ। राजा ने पूछा, “तुम्हारे साथ कौन-कौन है?” उसने जवाब दिया, “मेरी स्त्री, बेटा और बेटी।” राजा को और भी अचम्भा हुआ। आख़िर चार जने...

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बेंगन की सब्जी

एक बार अकबर बीरबल शाही दावत का आनंद ले रहे थे तभी अकबर ने बैंगन की सब्जी खाई तो वे बोले, “यह तो बहुत स्वादिष्ट है, मैं इसे बहुत पसंद करता हूँ। ” “जी हांँ, हुजूर! यह तो सब्जियों का सरताज है, इसके बिना दावत अधूरी है। ” बीरबल ने कहा। कुछ दिनों बाद फिर दावत थी, अबकी बार अकबर ने कहा “मेरा मन अब बैंगन से उब गया है, मैं इसे ज्यादा पसंद नहीं करता” “हुजूर...

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माता-पिता की सेवा

एक समय की बात है, एक जंगल में सेब का एक बड़ा पेड़ था । एक बच्चा रोज उस पेड़ पर खेलने आया करता था । वह कभी पेड़ की डाली से लटकता, कभी फल तोड़ता, कभी उछल कूद करता था, सेब का पेड़ भी उस बच्चे से काफ़ी खुश रहता था । कई साल इस तरह बीत गये । अचानक एक दिन बच्चा कहीं चला गया और फिर लौट के नहीं आया, पेड़ ने उसका काफ़ी इंतज़ार किया पर वह नहीं आया । अब तो...

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रुरु मृग -जातक कथा

रुरु एक मृग था। सोने के रंग में ढला उसका सुंदर सजीला बदन; माणिक, नीलम और पन्ने की कांति की चित्रांगता से शोभायमान था। मखमल से मुलायम उसके रेशमी बाल, आसमानी आँखें तथा तराशे स्फटिक-से उसके खुर और सींग सहज ही किसी का मन मोह लेने वाले थे। तभी तो जब भी वह वन में चौकडियाँ भरता तो उसे देखने वाला हर कोई आह भर उठता। जाहिर है कि रुरु एक साधारण मृग नहीं था।...

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मन की भाषा

एक आदमी ने शराब पि ली थी और वह रात बेहोश हो गया। आदत के वश अपने घर चला आया, पैर चले आए घर लेकिन बेहोश था घर पहचान नहीं सका। सीढियों पर खडे होकर पास-पडोस के लागों से पूछने लगा कि मैं अपना घर भूल गया हूं, मेरा घर कहां हैं मुझे बता दो  लोगों ने कहा, यही तुम्हारा घर है। उसने कहा, मुझे भरमाओ मत, मुझे मेरे घर जाना है, मेरी बुढी मां मेरा रास्ता देखती...

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बुद्धि की सुन्दरता शरीर की सुन्दरता पर निभ्रर नहीं करती

महाकवि कालिदास राजा विक्रमादित्य के प्रमुख दरबारियों में से एक थे। एक बार राजा विक्रमादित्य ने उनसे प्रश्न किया; महात्मन आप इतने बड़े विद्वान हैं लेकिन आपका शरीर आपकी बुद्धि के अनुसार सुन्दर नहीं है । इसकी वजह क्या है? कालीदास उस समय चुप रहे । और बात को टाल गए। कुछ दिन बाद महाराज ने अपने सेवक से पीने के लिए पानी मांगा । सेवक कालिदास के...

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शिकारी और बाज

एक बार एक शिकारी जंगल में शिकार करने के लिए गया। बहुत प्रयास करने के बाद उसने जाल में एक बाज पकड़ लिया। शिकारी जब बाज को लेकर जाने लगा तब रास्ते में बाज ने शिकारी से कहा, “तुम मुझे लेकर क्यों जा रहे हो?” शिकारी बोला, “ मैं तुम्हे मारकर खाने के लिए ले जा रहा हूँ।” बाज ने सोचा कि अब तो मेरी मृत्यु निश्चित है। वह कुछ देर यूँही शांत रहा और फिर कुछ...

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सिंदबाद जहाजी की छठी यात्रा – अलिफ लैला

सिंदबाद ने हिंदबाद और अन्य लोगों से कि आप लोग स्वयं ही सोच सकते हैं कि मुझ पर कैसी मुसीबतें पड़ीं और साथ ही मुझे कितना धन प्राप्त हुआ। मुझे स्वयं इस पर आश्चर्य होता था। एक वर्ष बाद मुझ पर फिर यात्रा का उन्माद चढ़ा। मेरे सगे-संबंधियों ने मुझे बहुत रोका किंतु मैं न माना। आरंभ में मैंने बहुत-सी यात्रा थल मार्ग से की और फारस के कई नगरों में जाकर...

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अलीबाबा और चालीस लुटेरों की कहानी – अलिफ लैला

अगली रात को मलिका शहरजाद ने नई कहानी शुरू करते हुए कहा कि फारस देश में कासिम और अलीबाबा नाम के दो भाई रहते थे। उन्हें पैतृक संपत्ति थोड़ी ही मिली थी। किंतु कासिम का विवाह एक धनी-मानी व्यक्ति की पुत्री से हुआ था। उसे अपने ससुर के मरने पर उसकी बड़ी दुकान उत्तराधिकार में मिली और जमीन में गड़ा धन भी। इसलिए वह बड़ा समृद्ध व्यापारी बन गया। अलीबाबा की...

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पत्नी का भूत

एक आदमी की पत्नी अचानक से बहुत बीमार पड़ गयी . मरने से पहले उसने अपने पति से कहा , “ मैं तुम्हे बहुत प्यार करती हूँ …. तुम्हे छोड़ कर नहीं जाना चाहती… मैं नहीं चाहती की मेरे जाने के बाद तुम मुझे भुला दो और किसी दूसरी औरत से शादी करो … वादा करो कि मेरे मरने के बाद तुम किसी और से प्रेम नहीं करोगे …वर्ना मेरी आत्मा तुम्हे चैन से जीने नहीं देगी ” पत्नी...

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राजा भोज

एक बार राजा भोज की सभा में एक व्यापारी ने प्रवेश किया। राजा ने उसे देखा तो देखते ही उनके मन में आया कि इस व्यापारी का सबकुछ छीन लिया जाना चाहिए। व्यापारी के जाने के बाद राजा ने सोचा – मै प्रजा को हमेशा न्याय देता हूं। आज मेेरे मन में यह अन्याय पूर्ण भाव क्यों आ गया कि व्यापारी की संपत्ति छीन ली जाये? उसने अपने मंत्री से सवाल किया मंत्री ने कहा...

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जो चाहोगे सो पाओगे !

एक साधु था , वह रोज घाट के किनारे बैठ कर चिल्लाया करता था ,”जो चाहोगे सो पाओगे”, जो चाहोगे सो पाओगे।” बहुत से लोग वहाँ से गुजरते थे पर कोई भी उसकी बात पर ध्यान नहीँ देता था और सब उसे एक पागल आदमी समझते थे। एक दिन एक युवक वहाँ से गुजरा और उसनेँ उस साधु की आवाज सुनी , “जो चाहोगे सो पाओगे”, जो चाहोगे सो पाओगे।” ,और आवाज सुनते ही उसके पास चला गया।...

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बकरी और भेड़िया

घास, बकरी और भेड़िया एक बार की बात है एक मल्लाह के पास घास का ढेर, एक बकरी और एक भेड़िया होता है। उसे इन तीनो को नदी के उस पार लेकर जाना होता है। पर नाव छोटी होने के कारण वह एक बार में किसी एक चीज को ही अपने साथ ले जा सकता है। अब अगर वह अपने साथ भेड़िया को ले जाता तो बकरी घास खा जाती। अगर वह घास को ले जाता तो भेड़िया बकरी खा जाता। इस तरह वह परेशान हो...

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किसी भी विज्ञापन को विश्वास करने से पहले जांच करें ।

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