घमंडी कौवा

हंसों का एक झुण्ड समुद्र तट के ऊपर से गुज़र रहा था, उसी जगह एक कौवा भी मौज मस्ती कर रहा था। उसने हंसों को उपेक्षा भरी नज़रों से देखा “तुम लोग कितनी अच्छी उड़ान भर लेते हो !” कौवा मज़ाक के लहजे में बोला, “तुम लोग और कर ही क्या सकते हो बस अपना पंख फड़फड़ा कर उड़ान भर सकते हो !!!  क्या तुम मेरी तरह फूर्ती से उड़ सकते हो ??? मेरी तरह हवा में...

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चायनीज अरबपति जैक मा के 45 प्रेरक कथन

एक 8 साल का लड़का जो अंग्रजी सीखने के बदले में टूरिस्टों को घुमाया करता था आगे चल कर चाइना का सबसे अमीर आदमी बना और किसी टूरिस्ट के द्वारा ही दिए गए नाम “जैक” से प्रसिद्द हुआ। Alibaba Group के फाउंडर जैक मा ने साबित कर दिया कि चाइना जैसे कम्युनिस्ट देश में भी एक entrepreneur सफल हो सकता है और करोड़ों लोगों की ज़िन्दगी बदल सकता है। Quote 1: Never give...

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फुरतीला कार्य

एक गाँव में एक गरीब लड़का रहता था जिसका नाम मोहन था । मोहन बहुत मेहनती था लेकिन थोड़ा कम पढ़ा लिखा होने की वजह से उसे नौकरी नहीं मिल पा रही थी । ऐसे ही एक दिन भटकता भटकता एक लकड़ी के व्यापारी के पास पहुँचा । उस व्यापारी ने लड़के की दशा देखकर उसे जंगल से पेड़ कटाने का काम दिया । मोहन अब एक लकड़हारा बन गया था| नयी नौकरी से मोहन बहुत उत्साहित था , वह जंगल...

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सुरा-कुंभ -जातक कथा

एक बार शक्र जब पृथ्वी लोक का अवलोकन कर रहे थे तो उनहोंने सब्बमित्र नामक एक राजा को देखा जो हर प्रकार की योग्यताएँ रखता था किन्तु वह कुसंगत में एक शराबी बन गया था। शक्र ने तभी यह बात ठान ली कि वे उसकी बुरी आदत को छुड़ा कर रहेंगे । अत: धरती पर वे एक अति सुंदर सुरा कुंभ के साथ पहुँचे और सब्बमित्र के पास पहुँच कर कहा कि उनके पास उस कुंभ में ऐसी मदिरा...

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गनीम और फितना की कहानी – अलिफ लैला

दुनियाजाद ने मलिका शहरजाद से नई कहानी सुनाने को कहा और बादशाह शहरजाद ने भी अपनी मौन स्वीकृति दे दी तो शहरजाद ने नई कहानी शुरू कर दी। उसने कहा कि पुराने जमाने में दमिश्क नगर में एक व्यापारी रहता था जिसका नाम अय्यूब था। उसके दो ही संतानें थीं, एक पुत्र और एक पुत्री। पुत्र का नाम था गनीम और पुत्री का अलकिंत। पुत्री अत्यंत रूपवती और गुणवंती थी और उसे...

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रहीम जी के प्रसिद्द दोहे – मदद

सवे रहीम नर धन्य हैं पर उपकारी अंग बाॅटन बारे को लगे ज्यों मेंहदी को रंग । वह मनुश्य धन्य है जिसका शरीर परोपकार में लगा है जैसे मेंहदी पीसने बाले को हाथ में लग कर उसे सुन्दर बना देती है। संतत संपति जानि कै सबको सब कुछ देत दीनबंधु बिन दीन की को रहीम सुधि लेत । धनी लोगों की मदद सब करता है कयोंकि जरूरत के समय वे उनकी मदद कर सकते हैं । किंतु गरीब की...

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वह लड़का – मैक्सिम गोर्की

यह छोटी-सी कहानी सुनाना काफी कठिन होगा-इतनी सीधी-सादी है यह! जब मैं अभी छोटा ही था, तो गरमियों और वसन्त के दिनों में रविवार को, अपनी गली के बच्चों को इकट्ठा कर लेता था और उन्हें खेतों के पार, जंगल में ले जाता था। इन पंछियों की तरह चहकते, छोटे बच्चों के साथ दोस्तों की तरह रहना मुझे अच्छा लगता था। बच्चों को भी नगर की धूल और भीड़ भरी गलियों से दूर...

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पांडु पुत्र भीम

भीमसेन का अभिमान पांडु पुत्र भीम को अपनें बलशाली होने पर अत्यंत गर्व हो जाता है। वनवास काल के दौरान एक दिन वह वन की ओर विचरते हुए दूर निकल जाते हैं। रास्ते में उन्हे एक वृद्ध वानर मिलता है। वानर की पूँछ भीमसेन के रास्ते में बिछी होती है। तभी भीम उसे अपनी पूँछ दूर हटा लेने को कहते हैं। परंतु वृद्ध वानर कहता है, “अब इस आयु में मुझसे बार-बार हिला...

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मेरे नाम का गुब्बारा !

एक बार पचास लोगों का ग्रुप किसी सेमीनार में हिस्सा ले रहा था । सेमीनार शुरू हुए अभी कुछ ही मिनट बीते थे कि स्पीकर अचानक ही रुका और सभी पार्टिसिपेंट्स को गुब्बारे देते हुए बोला , ” आप सभी को गुब्बारे पर इस मार्कर से अपना नाम लिखना है। ” सभी ने ऐसा ही किया। अब गुब्बारों को एक दुसरे कमरे में रख दिया गया। स्पीकर ने अब सभी को एक साथ कमरे में जाकर पांच...

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सफलता का पाठ

इमरान ने बड़े उत्साह के साथ एक बिज़नेस की शुरुआत की , पर 5-6 महीने बाद किसी बड़े घाटे की वजह से उसे बिज़नेस बंद करना पड़ा । इस कारण से वह बहुत उदास रहने लगा ।  और काफी समय बीत जाने पर भी उसने कोई और काम नहीं शुरू किया । इमरान की इस परेशानी का पता प्रोफेसर कृष्णन को लगा , जो पहले कभी उसे पढ़ा चुके थे । “ उन्होंने एक दिन इमरान को अपने घर बुलाया और पूछा ...

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बदलाव

बूढ़े  दादा  जी  को  उदास  बैठे  देख  बच्चों  ने  पूछा , “क्या  हुआ  दादा  जी  , आज  आप  इतने  उदास  बैठे  क्या  सोच  रहे  हैं ?”  “कुछ  नहीं  , बस  यूँही  अपनी  ज़िन्दगी  के  बारे  में  सोच  रहा  था !”, दादा  जी बोले . “जरा  हमें  भी  अपनी  लाइफ  के  बारे  में  बताइये  न …”, बच्चों  ने  ज़िद्द्द  की . दादा  जी कुछ देर सोचते रहे और फिर बोले , “ जब ...

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मुल्ला बने कम्युनिस्ट

एक बार खबर फैली की मुल्ला नसरुदीन कम्युनिस्ट बन गए हैं . जो भी सुनता उसे आश्चर्य होता क्योंकि सभी जानते थे की मुल्ला अपनी चीजों को लेकर कितने पोजेसिव हैं . जब उनके परम मित्र ने ये खबर सुनी तो वो तुरंत मुल्ला के पास पहुंचा . मित्र : “ मुल्ला क्या तुम जानते हो कम्युनिज्म का मतलब क्या है ?” मुल्ला : “हाँ , मुझे पता है .” मित्र : “ क्या तुम्हे पता है...

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दो मछलियों और एक मेंढक की कथा ~ पंचतंत्र

एक तालाब में दो मछ़लियाँ रहती थीं । एक थी शतबुद्धि (सौ बुद्धियों वाली), दूसरी थी सहस्त्रबुद्धि (हजार बुद्धियों वाली) । उसी तालाब में एक मेंढक भी रहता था । उसका नाम था एकबुद्धि । उसके पास एक ही बुद्धि थी । इसलिये उसे बुद्धि पर अभिमान नहीं था । शतबुद्धि और सहस्त्रबुद्धि को अपनी चतुराई पर बड़ा अभिमान था। एक दिन सन्ध्या समय तीनों तालाब के किनारे बात...

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बंदर का कलेजा और मगरमच्छ ~ पंचतंत्र

किसी नदी के किनारे एक बहुत बड़ा पेड़ था । उस पर एक बंदर रहता था। उस पेड़ पर बड़े मीठे-रसीले फल लगते थे । बंदर उन्हें भरपेट खाता और मौज उड़ाता । वह अकेला ही मजे में दिन गुजार रहा था। एक दिन एक मगर कहीं से निकलकर उस पेड़ के तले आया, जिस पर बंदर रहता था। पेड़ पर से बंदर ने पूछा, ‘तू कौन है भाई?’ मगर ने बंदर की ऒर देखकर कहा, ‘मैं मगर...

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मेत्रेयः भावी बुद्ध -जातक कथा

पालि परम्परा में मेत्रेय भावी बुद्ध के रुप में जाने जाते हैं। (संस्कृत ग्रंथों में इनका नाम मैत्रेय है) परम्परा में यह मान्य है कि इनका जन्म तब होगा जब मनुष्यों का औसतन जीवन-काल चौरासी हज़ार वर्षों का होगा। मेत्रेय का जन्म एक प्रसिद्ध विद्वत्-कुल में अजित के नाम से केतुमती नामक एक स्थान में होगा। इनके पिता का नाम सुब्रह्मण तथा माता का नाम...

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तीन रूपये, तीन चीज़ें

एक मंत्री की उदास शक्ल देख बादशाह अकबर ने उसकी उदासी का कारण पूछा। तब मंत्री बोले कि आप सारे महत्वपूर्ण कार्य बीरबल को सौप कर उसे महत्ता देते हैं। जिस कारण हमें अपनी प्रतिभा साबित करने का मौका ही नहीं मिलता है। इस बात को सुन कर अकबर ने उस मंत्री को तीन रूपये दिये और कहा कि आप बाज़ार जा कर इन तीन रुपयों को तीन चीजों पर बराबर-बराबर खर्च करें…यानी हर...

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पुजारी पत्‍नी और नेवला की कथा~ पंचतंत्र

एक बार एक ब्राह्मण(वैदिक वर्ण व्यवस्था के ऊँची सामाजिक पहचान; जो की पुजा करने की वृत्ति करते हैं; निर्जीव मूर्तियों को संस्कृत की मंत्र यानी गाना सुनाते हैं और उन निर्जीव मूर्तियों के आगे जीवित प्राणी के हत्या करवाते हैं) के घर जिस दिन पुत्र का जन्म हुआ उसी दिन उसके घर में रहने वाली नकुली ने भी एक नेवले को जन्म दिया । ब्राह्मण की पत्‍नी बहुत दयालु...

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हाथी और रस्सी

एक व्यक्ति रास्ते से गुजर रहा था कि तभी उसने देखा कि एक हाथी एक छोटे से लकड़ी के खूंटे से बंधा खड़ा था| व्यक्ति को देखकर बड़ी हैरानी हुई कि इतना विशाल हाथी एक पतली रस्सी के सहारे उस लकड़ी के खूंटे से बंधा हुआ है| ये देखकर व्यक्ति को आश्चर्य भी हुआ और हंसी भी आयी| उस व्यक्ति ने हाथी के मालिक से कहा – अरे ये हाथी तो इतना विशाल है फिर इस पतली सी रस्सी और...

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बन्दर की सीख

बंदरों का सरदार अपने बच्चे के साथ किसी बड़े से पेड़ की डाली पर बैठा हुआ था . बच्चा बोला , ” मुझे भूख लगी है , क्या आप मुझे खाने के लिए कुछ पत्तियां दे सकते हैं ?” बन्दर मुस्कुराया , ” मैं दे तो सकता हूँ , पर अच्छा होगा तुम खुद ही अपने लिए पत्तियां तोड़ लो. “ ” लेकिन मुझे अच्छी पत्तियों की पहचान नहीं है .”, बच्चा उदास होते हुए बोला . “तुम्हारे पास एक...

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किसान की सीख

बहुत ठण्ड पड़ रही थी । एक किसान रविवार के दिन मीलों चलकर पहाड़ी पर स्थित एक चर्च पर पहुंचा। चर्च का दरवाज़ा बंद था। किसान ऊँची आवाज़ में बोला , ” अरे कोई है ?” पादरी बाहर आया , वह किसान को देखकर कुछ हैरान था, ” आज ठण्ड बहुत है , मुझे तो उम्मीद ही नहीं थी कि आज की प्रार्थना में कोई आएगा, इसीलिए मैंने भी कोई तैयारी नहीं की , अब सिर्फ एक आदमी के लिए इतना...

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किसी भी विज्ञापन को विश्वास करने से पहले जांच करें ।

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